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सम्पादकीय
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भोजपुरिया गुरु डॉट काम शुरु कइला का पीछे सभसे
खास मकसद ई बा कि एह पर भोजपुरी से लगायत कुल्हि
जानकारी जुटावल जाई। बाकिर एह में सभकर सहजोग
जरुरी बा। त एक बेर " सीना तान के कहीं,
हम भोजपुरिया हईं " रउरा सभसे हमार निहोरा
बा कि आपन पूरा सहजोग भोजपुरिया गुरु डॉट काम
के दीं आ दुनिया भर में भोजपुरी के झंडा फहरावत
रहीं।
मनोज श्रीवास्तव
समन्वयक
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आगे.. |
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भोजपुरी साहित्य
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गइलीं गाँव, गाँव से भगलीं
गाँव के नाँव लिहला पर आजकाल्ह नंदीग्राम
अनसोहाते जबान पर आ जात बा. जहवाँ के किसानन के
बेदखल कइके उन्हनीं के उपजाऊ जमीन औने पौने ....
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आगे..
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स्वागत बा |
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भोजपुरिया गुरु डॉट काम शुरु कइला का पीछे सभसे खास
मकसद ई बा कि एह पर भोजपुरी से लगायत कुल्हि जानकारी
जुटावल जाई। बाकिर एह में सभकर सहजोग जरुरी बा। त एक
बेर " सीना तान के कहीं, हम भोजपुरिया हईं "
रउरा सभसे हमार निहोरा बा कि आपन पूरा सहजोग भोजपुरिया
गुरु डॉट काम के दीं आ दुनिया भर में भोजपुरी के झंडा
फहरावत रहीं।
मनोज श्रीवास्तव
समन्वयक
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